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28. वैश्विक वेबिनार्स और ध्यान शिविर

# वैश्विक वेबिनार्स और ध्यान शिविर

  • w परम पूज्य परमहंस नित्यानंद जी के लिए, जो की मानवता की उच्चतम आध्यात्मिक क्षमता के लिए समर्पित है, लोगो तक प ं हुँचाने हेतु समय, स्थान इत्यादि बाधा नहींहै | २ वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिं ग के माध्यम से ध्यान शिविर और वैश्विक वेबिनर के माध्यम से हजारोंमील दूर बैठे साधक भी गुरु के सामिप्य का अनुभव कर सकते हैं|
  • w विश्व भर में 47 से अधिक वैश्विक ध्यान केंद्रों में हजारो लोगो ं ंवेबिनार और कार्यशालाओंमें नित्यानंदेश्वर हिं दूमं दिर से सीधे प्रसारण द्वारा भाग लेते हैं |
  • w वैश्विक सप्ताहांत वेबिनर कई विषयोंजैसे कर्म, त्रिनेत्र की शक्ति, 2012 कोन्शिअस शिफ्ट, शिवोहम जैसे जीवन समाधानो और ध् ं यान प्रक्रियाओ पर आधार ं ित होते हैं|
  • w इनर अवेकनिग का ं र्यक्रम के हजारोंस्नातको के ल ं िए परम पूज्य स्वामी जी द्वारा लिविं ग शुद्धाद्वैत कार्यक्रम, दीक्षा प्रक्रिया इत्यादि लगातार आयोजित किये जाते हैं, जिससे साधको का ं निरंतर अध्यात्मिक विकास होता है |

भावी योजनायें...

वैदिक ज्ञान को विश्व पटल पर लाना

t वर्ष 2018 के अंत तक अंग्रेजी में 500 नये शीर्षको का ं प्रकाशन।

t 10 शीर्षस्थ पुस्तको का सबसे अ ं धिक बोली जाने वाली विश्व की 54 भाषाओंमें प्रकाशन।

  • t उपनिषद प्र् वचनो को 30 भारतीय ए ं वं विदेशी भाषाओ अनु ं वाद। t शैव आगम एवं अन्य वैदिक शास्त्रो को उपयोग-अनुकू ल जीवन समाधान पुस्तको के रूप ं में प्रस्तुत करना, जिससे कि हिदं ू धर्मनिर्वाह करते हिन्दुओ को प्रमाणिक हिदं त्वु के ज्ञान से समृद्ध किया जा सके ।

  • t विश्व के 50 प्रकाशको के सा ं थ प्रकाशन।

  • t एक स्वतंत्र प्रकाशन सं स्थान एवं मुद्रण यं त्र की स्थापना करना।

  • ® विश्व भर में हिं दूशास्त्रों, स्त्रों दर्शन शास्त्र एवं साहित्य के माध्यम से वैदिक पुनर्जागरण में अग्रणी भूमिका निभाना।

  • ® विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन सं स्थान बनकर विश्व के प्रत्येक देश में हिं दत्वु निधि को पहुंचाना।

  • ® हिं दत्वु पर 10,000 तत्त्वो व सत्यों को दृश्यरूप त्यों में प्रस्तुत करना, लोगो को ं समझाने एवं जीने के लिये।

  • ® 300 प्रकाशन 20 भारतीय व विदेशी भाषाओंमें विभिन्न प्रारूपोंजैसे पुस्तको, ई-पुस्तको ं , ध्वं नि पुस्तको, ं ब्रेल पुस्तको, पुस्तक उपकरण स ं मूहो, ं वीडियो एवं अध्यात्मिक सं गीत के रूप में है।

  • ® समाज के सभी जीवन चर्याओ के लोगो के ल ं िये व्यापक विषयोंजैसे जीवन समाधान, ध्यान एवं ग्रंथो की पुस्तको का वितरण। ं

'' ज्ञान मुक्त है। हम सनातन हिन्दू धर्म के ज्ञान से विश्व को लाभान्वित व समृद्ध करने का उत्तरदायित्व लेते हैं।" ~ परमहंस श्री नित्यानंद जी

उपलब्धियां

भावी योजनायें…

t वैदिक पुस्तकालय ग्रंथ समाधि में 2 करोड़ पुस्तकें इं टरनेट पर उपलब्ध कराई जायेंगी। यह विद्यार्थियो को एक ं वैदिक विश्वविद्यालय से दूरस्थ अध्ययन का अवसर उपलब्ध करायेगी। दूरस्थ शिक्षा से 10 गुना अधिक विद्यार्थी हिदं त्वु के बारे में सीख सकें गे।

  • t विश्वस्तर पर करोड़ों हिं दू सं गठनोंको एक साथ लाना - मं दिरो, आं श्रमो, का ं र्यकर्ता समूह, सांसकृतिक केंद्रों, विश्ववि द्रों द्यालयो इत्ं यादि को एक वेबसाइट के रूप में लाकर वैदिक ज्ञान का प्रसार करना।
  • t विद्वानो के ल ं िये एक अनुवाद मं च का निर्माण करना जिससे कि वे आपसी सं पर्क बनाकर मौलिक सं स्कृत ग्रंथो का विश्व की अनेक भाषाओ ं ं में अनुवाद कर सकें ।

अंतर्जालआम्नाय पीठ अर्थात इंटरनेट पर ज्ञान का आसन, सर्वज्ञपीठ के ज्ञान प्रसारण को नये स्तर पर लाकर, ज्ञान को विश्वभर के करोड़ों लोगो ड़ों तक सुविधा पू ं र्वक पहुंचायेगा।

  • ® www.nithyananda.org इं टरनेट पर अध्यात्मिक विषयो का सबसे ब ं ड़ा भंडार है। योग, ध्यान, नित्य क्रियाये (रोगो उपचार ं हेतु 108 यौगिक तकनीकें ) और निश्चित जीवन समाधान सहित कई अन्य विषयो के स ं मर्पित वेबसाइटो के सा ं थ।
  • ® अत्याधुनिक दूर-सं चार वीडियो व वार्तालाप यंत्रों का त्रों प्रयोग करके घ्यान कार्यक्रमो एं वं प्रवचनो के स ं हारे इंटरनेट/वीडियो कांफ्रेंसिग के ं माध्यम से 'नयन दीक्षा' प्रदान करना।
  • ® हिं दु त्व पर 250 से अधिक पुस्तकें आनलाइन ॅ निःशुल्क उपलब्ध।
  • ® youtube.com पर परमहंस नित्यानंद के 3000 घं टे से अधिक प्रवचन निःशुल्क उपलब्ध हैं।
  • ® www.nithyananda.tv परमहंस नित्यानंद के हिं दु त्व पर उपदेशो का एक 24- ं घं टे चलित वेब स्ट्रीमिं ग चैनल है, जो 40 देशो के ं 200 शहरोंमें प्रतिदिन देखा जा रहा है।

सबसे अधिक देखे जाने वाले आध्यात्मिक गुरू - 190 लाख यूट्यू ब दर्शको के सा ं थ

उपलब्धियां

वैदिक ज्ञान इंटरनेट के माध्यम से

हरिद्वार में

कम्बोडिया में

कै लास पर्वत के परम दिव्य स्थल पर

टेलीविजन मीडिया के माध्यम से प्रसारण व पहुंच

क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट् रीय टेलीविजन कार्यक्रम

  • ® 1 टेलीविजन चैनल के प्रमाणपत्रधारी को चैनल द्वारा अध्यात्मिक ज्ञान का विश्व मे प्रसाराण करने हेतु प्रेरित किया। 10 और चैनल प्रमाणपत्र धारको को प्रर ं ित करने मे कार्यरत।
  • ® नित्यानंद टीवी (www.nithyananda .tv) - यह इंटरनेट और मोबाइल फोन पर उपलब्ध एक वैश्विक वेब चैनल है। दिनोदिन इसके ं दर्शको की सं ख् ं या में वृद्धि हो रही
  • ® श्रद्धालु दर्शको के ल ं िये द्विपथवर्तीय (2-way) वीडियो फोन कालो, 3 रा ं ष्ट्रीय चैनलो, 1 राज्य स्तरीय चैनल, ं 3 उपग्रहीय टीवी चैनलो, और 40 के बल चैनलो ं द्ं वारा तमिल, कन्नड़ एवं हिदं ी में अनवरत शिक्षण, अध्यात्मिक परामर्श एवं मार्गदर्शन।
  • ® यूएसए, कनाडा और आस्रेट्लिया में अंर्राष्ट्रीय टेलीविजनों पर कार्यक्रम ।
  • ® यूएसए और कनाडा में अंतर्राष्ट्रीय रेडियो चैनलो पर ं कार्यक्रम ।

मानवता के शांतिदूत एवं जागृतकर्ता परमहंस श्री नित्यानंद जी विश्व भर से लोगों का अध्यात्मिक नेतृत्व करके उन्हें दिव्य आदिकालीन उच्च ऊर्जा केन्द्रों की द्रों जीवन यात्राएं कराते हैं।

वें यात्रियो को उस ऊर ं ्जाक्षेत्र की अध्यात्मिक अनुभूतियों में दीक्षा प्रदान करते हैं स्थल के पुराण, उत्सवो और स ं मृद्ध सांस्कृतिक सं पत्ति का रहस्योद्घाटन करते है। मे पर्वत राज, तीर्थ ( जल कुंड, नदियां) एवं वैदिक मं दिर सम्मिलित है।

और पवित्र क्षेत्रों

® कै लास पर्वत यात्रा - भगवान शिव और देवी का शिव लोक - हिमालय पर्वत।

® भारत के चार धाम यात्रा (बद्रीना थ, केदारना थ, गंगोत्री और यमुनोत्री) और अन्य शक्ति केंद्र जैसे – उत्तर में गोमुख, ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तर काशी से लेकर दक्षिण में तिरूवन्नमलाई, मदरै ु व अन्य मं दिर।

आध्यात्मिक यात्रायें उत्तम ऊरयाजा क्षेत्र मों े तीर्थ यात्रायें

अवतार के दिव्य सानिध्य में दर्लभु यात्राएं

कुम्भ मेला 2015 में

कुम्भ महापर्व इस धरा पर मानवता के इतिहास के विशालतम, प्राचीनतम आध्यात्मिक समारोह हैं जो हिं दत्वु की पूर्णता के प्रतीक हैं।

जब करोड़ों की सं ख् ड़ों या में साधु सं त ,दिव्य अवतार, महान योगी, तथा भक्तजन वहां एकत्र होते है तो उनकी श्रद्धा से वहां की अमृतमयी नदियो का ं जल अमरत्व प्रदान करने वाला हो जाता है। इस जल में केवल एक डुबकी , वस्तुतः जन्मजमि्मांतरो के कर्मो का परिमार्जन कर देती है ।

सितंबर २०१५ नासिक के कुम्भ महापर्व पर भव्य शोभा यात्रा। एक अवतार की महत्तम ऊर्जा के सं ग सभी भक्तजनो और साधको ने पवित्र गो ं दावरी नदी में गोता लगाया। विश्व्भर के कोने कोने से आये साधको व कई आध्यात्मिक सं स्थाओ के प्र ं मुखो ने पर ं महंस नित्यानंद स्वामीजी के साथ कुम्भ महापर्व में भाग लिया।

  • ® अंतर्राष्ट्रीय यात्राओंमें अंगकोरवाट, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, थाईलैनड आदि का समावेश है।
  • ® कुम्भ मेला, धरती पर मनुष्यों का सबसे वि ्यों शाल व महान्तं धर्म सम्मेलन, जो 3, 6 और 12 वर्षें के अंतराल में होता है - यहां परमहंस श्री नित्यानंद जी श्री महानिर्वाणी पीठ के महामंडलेश्वर (आध्यात्मिक प्रमुख) के रूप में पीठासीन होते हैं। इस दिव्य सभा में श्रद्धालुगण को परम् पूज्य स्वामीजी
  • के सानिध्य में रहकर सर्वोच्च ऊर्जा ग्रहण करने का परम आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • ® वाराणसी, भगवान शिव जी, श्री काशी विश्वनाथ महादेव की नगरी हैं जहां परमहंस नित्यानंद जी शिवत्व की स्थिति में – शिवोऽहम - 'शिव मैं हूं' के दैविक अनुभव की कृ पा वर्षा करते हैं।

नित्यानंद गलेरिया (www.Nithyananda Galleria .com) हिंदत्वु के एक सर्वसुलभ विक्रय स्थल रूप में दिनोदिन आगे ब ं ढ़ रहा है। वर्तमान मे यह निम्नलिखित वस्तुएं उपलब्ध करा रहा हैः

- ® वीडियो, आडॅियो टेपो सी ं डी और पुस्तको के रूप ं में नित्यानंद के ज्ञानवर्धक प्रवचन।

  • ® ध्यान एवं गहरे आन्तरिक उपचार हेतु मनमोहक सं गीत व मन्त्र।
  • ® जीवन पद्धति को प्रेरित करने के लिये ऊर्जायुक्त मालायें, कड़े, चित्र, उपहार एवं वस्त्र।
  • ® पुरुषो एं वं महिलाओ को ं शांति एवं सतत उच्च ऊर्जा के लिये पारम्परिक ऊर्जायुक्त मणि आभूषण।
  • ® व्यक्तिगत जन्म-कुंडली, जन्म नक्षत्रों, त्रों मानसिक गठन आदि के आधार पर जीवन में स्वास्थ्य, धन, सफलता या किसी भी मनोकामना की पूर्ति हेतु सही रुद्राक्ष के बारे मे मार्गदर्शन।

इस खंड में वर्णित गतिविधियो को स ं र्वज्ञपीठ के विस्तार एवं इसकी गम्भीरता को बताने के लिये किया गया है। फिर भी, कृ पया ध्यान दें कि इस खंड में वर्णित गतिविधियां निजी लिमिटेड कं पनी द्वारा लाभ हेतु सं चालित की जाती हैं, जो दान ग्रहण नही करेगी। ं

नित्यानं द गलेरिया आध्यात्मिक सं ग्रहालय हिंदु त्व का सर्वसुलभ विक्रय स्थल

वैदिक जीवन पद्धति की पुनर्प्रतिष्ठा

नित्यानंद पीठ में नित्य कीर्तन, गायन और नृत्य के आनंद में दिव्य भावनाओ से पर ं मात्मा को याद करते हैं

ब्रह्मोत्सवम, सभी हिदं ू त्योहारों के दौरान दिव्य समारोह पूजा , प्रा रना, ्थ मं त्र और भक्ति सं गीत के सा थ आयोजित किए जाते हैं

जीवनमुक्ति की उत्सवमय हिंदू जीवनशैली

'' वैदिक जीवन पद्धति एक करोड़ से भी अधिक आन्तरिक जगत के वैज्ञानिको द्ं वारा करोड़ों वर्षों के अनुसं धान एवं विकास पर आधारित है। इसमें वैदिक सं स्कृति की शक्तियो एं वं तकनीको का पालन ं किया जाता है। ''

~ परमहंस श्री नित्यानंद जी

परम पूज्य परमहंस श्री नित्यानंद जी वैदिक जीवन पद्धति के समस्त सत्यों जैसे शाश्वत उत्सवो, परम्पराओ ं , अनुष् ं ठानो, भो ं जन एवं कला में नवीन प्राण का सं चार करके लोगो तक प ं हुंचाकर वैदिक जीवन पद्धति की पुनर्स्थापना कर रहे हैं। यह एक चेतनायुक्त जीवन पद्धति है और अभ्यास से इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। पुरातन दु कानो से ं वैदिक कलाकृतियो का सं ग्र ं ह किया जाता है, पुनः परिमार्जित करके दैनिक जीवन में इनका उपयोग किया जाता है।

आज, सभी सं स्कृतियो के लोग लगातार ं वैदिक जीवन पद्धति को आत्मसात करते आ रहे हैं।

परम पावन स्वामीजी वैदिक समय के, रंगीन, संपन्न जीवन शैली, त्योहारोत्सव मनाती संस्कृति एवं अनुष्ठानों को पु नःप्रतिष्ठित कर रहे हैं| निराकार के हर स्वरुप को भक्तगण, जिस भी रूप मेंउसका अवलोकन करना चाहतेहैं, देखना चाहतेहैं, उसेसम्पूर्ण हर्ष के साथ स्वीकार करते हैं| ब्रह्महोत्सव ऐसा ही एक लम्बा त्यौहार हैंजिसमे उस दिव्य ऊर्जा की हर अभिव्यक्ति का स्वागत कर, लम्बेसमय तक उत्सव मनायेजातेहैं |

भगवान् के साथ रहना और देवी देवताओं की भव्य मूर्तियो के सा ं थ पूजा, कीर्तन और पवित्र हिन्दू अनुष्ठानओ द् ं वारा उत्सव मनाना

अपने पूर्वजो के सा ं थ पूर्णत्व की स्तिथि मैं आने के लिए वेदो द्ं वारा महेश्वर पूजा की प्रक्रिया निर्धारित की गयी है| यह पूजा सन्यास के पथ की ओर अग्रसर सन्यासियों व ब्रह्मचारियो को अर् ं पित की जाती है, इसमें सन्यासियो को भग ं वान् शिव की पदवी प्रदान की जाती है और उन्हेंभिक्षा व भोजन अर्पित किया जाता है | वैदिक

पद्यति के अनुसार महेश्वर पूजा सबसे प्राचीन अभिलिखित अनुष्ठान है जो आज भी प्रचिलित है | महेश्वर पूजा में पवन पावन परमहंस स्वामी नित्यानंदजी स्वयं ही इस पूजा को और नैवेद्य भिक्षा को स्वीकार करते हैं |

वैदिक जीवन पद्धति में मानव चेतना के विकास हेतु आहार महत्वपूर्णहै। नित्यानंद अन्नालय अपने सभी आदिनमोंव कार्यक्रमोंमें हिदं ू पाकशास्त्र पर आधारित ऊर्जायुक्त सात्विक आयुर्वेदिक मोजन पकाता है। भोजन को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ऊर्जायुक्त करके महाप्रसाद के रूप में सर्वप्रथम ईश्वर को अर्पित किया जाता है।

  • ® एक वर्षमे 20 लाख निःशुल्क भोजन वितरित। इसका प्रबं धन भक्तगण एवं स्वयं सेवक कार्यकर्ता करते हैं।
  • ® सभी आदिनमो, आप ं दा राहत क्षेत्रों, क्षेत्रों निःशुल्क चिकित्सा शिविरो, कुं भ ं मेला आदि में निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
  • ® और्गैनिक (प्राकृतिक) भोजन जो रसायन व कीटनाशक मुक्त है, उपलब्ध कराने की दिशा।