26. वैदिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार
# वैदिक ज्ञान का प्रचार-प्रसार


Mass Satsangs by H.H.Paramahamsa Nithyananda





वैदिक ज्ञान का मानवता के लिये सबसे महान योगदान है कि यह आपको स्वयं से परिचित कराता है - अमृतस्य पुत्राः - आप अमृत्व अनश्वरता के पुत्र है। परमहंस श्री नित्यानंद जी सनातन हिं दू धर्म की स्पष्ट, नितिसं गत एवं अराजनीतिक वाणी हैं। वें विश्व भर की मानवता के लिये वैदिक ज्ञान के रहस्य को आत्म अनुभवपूर्वक भेदन कर रहे हैं। स्वयं की प्रबुद्ध चेतना से, परमसत्य के द्रष्टा होकर, उन्होंने न्हों वैदिक शास्त्रों को प्रकाशित स्त्रों किया है।
शास्त्र प्रमाणो को उन् ं होने अपने प्रत्यक्ष अनुभव या आत्म प्रमाण द्वारा सर्वजन कल्यण एवं धर्म स्थापना हेतु प्रकट किया है।
असतो मा सदगमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
हमें असत्य से सत्य की दिशा मे ले चलो। हमें अंधकार से पवित्र ज्ञान के प्रकाश की ओर ले चलो। हमें मृत्यु से अमृत्व की ओर ले चलो। ॐ शांति शांति शांति। ~ बृहदारण्यक उपनिषद (१.३.२८)
विगत 16 वर्षों के 16,000 घं टौ के रिकार्डेडॅ प्रवचन
परमहंस श्री नित्यानंद जी के आत्मज्ञानी प्रवचन

परमहंस श्री नित्यानंद जी, सर्वज्ञपीठ पर अवस्थित होकर अपने प्रबुद्ध प्रवचनोंजैसे नित्य सत्संगSM एवं विशेष कार्यशालाओ के ं माध्यम से प्रवचन देते हैं, जो लोगो के अं ं दर शक्तिशाली ऊर्जा के रूप में प्रविष्ट होकर स्थायी आत्म एवं सामूहिक परिवर्तन करता है। नये युग के स्रोता अब वैदिक ज्ञान की शक्ति की नवीन अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। प्रवचनोंमें निम्नलिखित का समावेश रहता हैः
- ® श्रीमद भगवद्गीता, शिव सूत्र, ब्रह्म सूत्र, पतंजलि योग सूत्र और उपनिषदोंजैसे शास्त्रो का वैश्विक स्तर पर अत्यंत सजीव, सरल एवं शक्तिशाली रहस्य भेदन व शास्त्र दर्शन।
- ® प्रत्येक व्यक्ति के लिये शास्त्रो के निष्कर्षों को यथार्थ रूप में निर्मित करना।
- ® वैदिक विज्ञान, जीवन पद्धति एवं सत्यों को त्यों जैसे पूर्णत्व, अद्वैत, शिवत्व, जीवन तत्व, कुण्डलिनी जागरण, विभिन्न प्रकार की दीक्षाओ, ं वैदिक मं दिरो, ं हिं दत्वु , वैदिक शिक्षा प्रणाली आदि पर प्रवचन।
- ® जीवन समाधान हेतु काल एवं देश सीमा से परे, अति दर्ल ु भ आकाश मण्डल मे स्थित 'आकाशिक रिकौर्द' का पठन।


हिदं त्व ु की वाणी , वैदिक ज्ञान की ऊर्जा

आकाशीय अभिलेख
समय और स्थान के परे ब्रह्मांडीय ज्ञान तक पहुंचना
इस सं सार में हो चुकी, होने वाली, या हो रही, हर घटना का लेखा- जोखा है, जो कि रहस्यमयी ब्रह्मांडीय ऊर्जा से आकाशीय अभिलेख के रूप में उपलब्ध है। पर इनको सही से पढ़ने और समझने की कुंजी आज बहुत कम आत्मज्ञानी पुरुषो और अ ं वतार पुरुषो के पास ं ही उपलब्ध है। परम पूज्य परमहंस नित्यानंद जी मानवता के कल्याण के लिए इस अ थाह ब्रह्मांडीय सं ग्रह का ताला खोल रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस ज्ञान का रचयिता ना समझा जाए, वे तो केवल इस ब्रह्म ज्ञान को समझ कर हम तक पहुंचा रहे हैं। श्री नित्यानंद जी का कहना है:
" मैं केवल इन आकाशीय अभिलेखो को य ं था स्वरूप पढ़ रहा हूँ। इसमें किसी की कोई भागीदारी नहीं है। जगत की ज्ञान शक्ति, जो कि इस पूरी सृष्टि की स्रोत है, स्वयं आपसे आपके जीवन में क्या अपेक्षा रखती है, यह बता रही है। विधाता को मानव जीवन के बारे में क्या लगता है, इसको कै से जीना चाहिए, किस उद्देश्य से इस सृष्टि की सं रचना की गयी, क्यों इसकी क्यों देखरेख की जा रही है, और क्यों इसका पुनरुद् क्यों धार किया जाता है, इस सब का क्या उद्देश्य है, यह बताया जा रहा है। इसमें परमात्मा - सृष्टि के रचयिता - के आलावा किसी और की कोई भूमिका नहीं है। और यह अभिलेख बदले नहीं जा सकते, इनका संशोधन नहींकिया जा सकता। इनको किसी भी रूप में बदला नहीं जा सकता, इनमें हेरफे र नही की ं जा सकती। नित्यानंद संघ और नित्यानंद मिशन के लिए यह मेरा आदेश है, सदा सदा के लिए। "
ब्रह्माण्ड वह स्थान है जिसमें सभी प्रकार के मनुश्य विभिन्न स्तरो पर अनुभ ं वो, ं जटिलताओ एं वं आकांक्षा ओं का अनुभव करते हैं। जगद्गु रू वह व्यक्तित्व होता है जो सभी प्रकार के लोगो को उनकी ं महत्तम क्षमता के स्तर जाग्रत करता है। अवतार वह होता है जो अपने प्रबुद्ध स्थिति एवं शक्तियो को ं बिना किसी तकनीक या सूत्र के सहारे, सीधे किसी भी व्यक्ति में प्रवेश करा सकता है ! मानवता के जागरण एवं प्रबुद्ध अनुभत शक्तियो के ं स्थानांतरण का यह विज्ञान जीवन मुक्ति या अद्वैत विज्ञान है।
परमहंस श्री नित्यानंद जी, मानवता के जगद्गु रू एवं अवतार, विश्व भर में विगत 16 वर्षों से जीवन रूपांतरित करने वाले अगणित ध्यान, योग आध्यात्मिक कार्यक्रमो द्वारा जीवन मुक्ति विज्ञान का विश्व भर मे सं चाराण करते आ रहे हैं।
- ® कल्पतरू कार्यक्रम S M, व्यक्तियो के स ं शक्तिकरण हेतु एक दिवसीय कार्यक्रम, जिसमें जीवन की इच्छाओ को य थार्थ रूप में प्राप्त करने की विद्या दी जाती है
- ® अत्याधुनिक उच्चगति वाली तकनीको का प्रयोग करके ं वीडियो कांफ्रेंसिं ग के माध्यम से 47 देशों मेंनित्य योग S M एवं नित्य क्रिया योग S M जैसे सप्ताहांत वैश्विक कार्यक्रमो का प्रसारण। ं
- ® इनर अवेकनिन्ग ® , 21 दिन का प्रमुख ध्यान योग शिविर जो 21 शक्तिशाली दीक्षाओ द्वारा ईश्वरी चेतना को जागृत कराता है ।


