23. BE A PART OF REINVENTING
# BE A PART OF REINVENTING
the Vedic Technology Cost Estimate INR 250 crores
भावी योजनायें...
वैदिक अविष्कारो ंके पुनर्शोधन के लिये अनुसं धान सं स्थानो ं एवं प्रयोगशालाओ ं (धातु विज्ञान एवं अन्य वैदिक विज्ञान) का निर्माण किया जायेगा। इनमें प्रयोग, वैदिक साहित्य के बीज-लेखो ंका अर्थज्ञात करना, वैदिक तकनीक के परीक्षण एवं प्रदर्शन एवं इन्हें विश्व के सा थ बांटना।

वैदिक तकनीक का पुनर्शोध क्यों आक्यों वश्यक है?
रहस्यात्मक यौगिक शक्तियों का निर्भेदन एवं सं चारण

जीवन समस्त शक्तियो ंके साथ जीना चाहिये। असाधारण शक्तियो ंकी अनभु तू ि करना, जिसके साथ आप जन्मेहै, यह ईश्वर को अनुभव करना हैं। यह ईश्वर को अपने दैनिक जीवन में अनुभव करने का स्पष्ट विज्ञान है । अष्टमहासिद्धियां सं भव हैं। आपके मस्तिष्क का निर्माण इन सभी उच्चतर सं भावनाओ ंके साथ हुआ है। मात्र इसलिये कि साधारण मनष्यु की इन सभी असाधारण शक्तियो ं एवं विज्ञान तक पहुंच नही ं है, इसका अर य्थ ह नही ंकी इनका अस्तित्व है ही नही।ं
मैं वैदिक शास्त्रों एस्त्रों वं विज्ञानो ं के गोपनीय ज्ञान का निर्भे दन करके उन्हेंमनुष्यो में आध्यत्मिक शक्तियो के रूप ं में अवमुक्त कर रहा हूं जिससे की वें दीक्षा द्वारा अपनी परम क्षमता को जी सकें । ''
~ परमहंस नित्यानंद

यौगिक शक्तियो ं का सं चारण उन्नययन, मूर्तकरण, टेलीपोर्टेशन, कंु डलिनी एवं त्रिनेत्र जागरण
अथ परम् प्रवक्क्ष्यामि शिवदीक्षा विधिक्तमम। मराणाम मोक्षसिद्धर्य सर्वपापहरम् परम।।
अब मैं महान शिवदीक्षा की प्रक्रिया का वर्णन करूंगा, जिससे नश्वर लोगो को ं मोक्ष एवं सिद्धियां प्राप्त होती है और जो समस्त पापो एं वं अपूर्णताओ को स ं माप्त कर देता है। ~ पूर्व कारण आगम, १४५,।

कंुडलिनी जागरण
कंडलिनी शक्ति या आतंरिक सं भव जवै-ऊर्जा का जागरण - जो मानव में स्थित सबसे विशाल अछूते प्राकृतिक सं साधन है। यह दीक्षा प्रत्यक्ष
अवतार द्वारा प्रदान की जाती है।.
- w 95 % दीक्षित लोगो ं ने स्वास्थ्य में असाधारण सुधार का अनुभव किया।
- w वर्ष 2011 से इनर अवेकनिग ध्ं यान कार्यक्रम के प्रतिभागियो ं पर कयी परीक्षणो ं की शखला आरंभ की गयी ्रृं जैसे क्यूईसीजी (QEEG)। निष्क र्षमें प्रतिभागियो ं के कोशो ं में उपस्थित ऊर्जा के कें द्र सूत्र कणिकाओ ंकी कार्यक्षमता में 1000 से 1300% और डी.एन.ए (DNA) सूत्रों में 420 तंतुओ ं तक की वृद्धि पाई गयी। इससे आयु वद्धिृ रोधक क्षमता व कैं सर सहित कई जानलेवा बीमारियो ं से लड़ने की क्षमता दृढ़ होती है।
अनुसं धान के परिणाम प्रतिभागियो द्ं वारा दिये गये मत सर्वेक्षण पर आधारित हैं।


उपलब्धियां
- w 80 % लोगो ने ं शारीरिक उन्नययन व 15 % अन्य लोगो ने ं सक्रियता स्तर में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव किया। इनमें उन लोगो का भी स ं मावेश था, जिन्होंने िन्हों वीडियो कांफ्रेंसिग ं के माध्यम से दीक्षा ग्रहण की थी।


उन्नययन (लघिमा सिद्धि)
H.H.Paramahamsa Nithyananda has proven the science of materializing objects proving the Vedic cosmology that – Universe or Nature has manifested from the power of thought-force and vizualization-energy.He has materialized objects in few minutes or hours, not only from his own body, but from the bodies of initiated channels (divyashariri) and from the living Deities.Objects have often materialized from energy, from one part of the globe to another part. Scientific studies undertaken have validated materialization linking it to Quantum Entanglement*.
- ® Over 4000 various types of sacred objects have been teleported or materialized to date by H.H.Paramahamsa Nithyananda, proven through CT scans showing materialization of the objects. Materials ranging from liquids, powders like vibhuti
Teleportation & Materialization - Creation of matter from energy
On April 31, 2011: Rudraksha (holy bead) materialized on the holy Meru, Malaysia


On January, 27, 2011: vibhuti (sacred ash) materalized on deity of Sri Guru Paduka (holy sandals), Chennai, India

Various sacred objects materialized through the body of the intiated channels
24th June 2011: Saha Nathan of Seattle, USA received


Vibhuti materialized through the body of Poornima Ganesh, an initiated channel reciever.

(ऊपर) स्कैन के दौरान हरे रंग के रत्न की मुख में अचानक उपस्थिति । स्कैन (शीर्ष दाएं ) कु छ मिनट पहले लिए गए चित्र में मौखिक गुहा में ऐसे किसी भी वस्तु के
On June 11, 2011: honey materalized on the Deity of Sri Nithyananda, Kuala Lumpur, Malyasia

अभाव का पता चलता है ।
प्रयोगशाला में परम पूज्य स्वामी जी का पदार्थिकरण के दौरान सी.टी. स्कैन एवं क्यू.इ .इ.जी.

प्रयोगशाला की रिपोर्ट से यह सिद्ध होता है कि कु छ मिनट पहले लिए गए चित्र में मौखिक गुहा मैं कोई भी वस्तु प्रकट नहींथी। स्कैन के दौरान हरे रंग के कीमती पत्थर की मुख में अचानक उपस्थिति का पता चलता है ।

Medical Report of whole body CT scan proving foreign body in oral cavity
पदार्थिकरण के वैज्ञानिक प्रमाण
पदार्थिकरण पर प्रयोगशाला में विस्तार से किए गए शोध और उनके निष्कर्ष

*Quantum Entanglement is a term in quantum theory for the way particles of energy-matter can become coorelated to precditably interact with each other.


श्री नरेंद्रगिरी जी महाराज, अध्यक्ष अखिल अखाड़ा परिषद और (स्वर्गीय) श्री अशोक सिघं ल जी, पूर्व अध्यक्ष विश्व हिदं ू परिषद, के समक्ष त्रिनेत्र की शक्तियो द्ं वारा पढ़ने का प्रदर्शन।




बेंगलुरु, भारत में स्थित निमहंस नेशनल इंस्टीट्ट यू ऑफ मेंटल हल्थे एंड न्यूरोसाइंस, एवं कई अन्य सामाजिक अधिनायको के स ं मक्ष त्रिनेत्र की शक्तियो द्ं वारा पढ़ने का प्रदर्शन।







त्रिनेत्र जागरण SM
- 32,000 लोगो की आज्ञा चक्र जाग्रति हेतु दीक्षा
वेद और अगम में मनुष्य के भीतर 400 शक्तियो की सं भा ं वना का वर्णन किया है. अपनी प्रबुद्ध चेतना से परम पूज्य परमहंस श्री नित्यानंद स्वामी जी ने 60 ऐसी शक्तियो को उ ं जागर किया है | इनमें शामिल है पदार्थिकरण, आध्यात्मिक उपचार, त्रिनेत्र जागृति, एं टी-एजिं ग, पौधो से एक ं त्व इत्यादि |
- ® त्रिनेत्र जाग्रति के माध्यम से 14 साल वर्ष से नीचे के बच्चों 100 च्चों % सफ़लता और वयस्कों में 35% सफलता प्राप्त हुई है | ये सभी आंखो पर पट् ं टी बांधकर पढ़ सकते हैं|
- ® इसके प्रभाव से आईक्यू स्तर में वद्धिृ ( 25% छात्रों का आईक् त्रों यू 130 से अधिक हो गया है ) और कई बालक चक्र, आभामंडल तथा भूत एवं वर्तमान को देख सकते हैं |

नित्यानन्द गुरुकु ल एवं नित्यानन्द संघ के त्रिनेत्र जागृत बालको द्ं वारा अध्ययन



