45. नित्ािंद बाल ववद्ाल्: (एिबीवी)
# **नित्ािंद बाल ववद्ाल्: (एिबीवी)**

तनतयानंद बाल व्दयालय का मुखय उ्ेशय बचचो के िी्न का तनमाणण समपूततण , ्धा , ि्ाबदेही औरसमवध ृ के चार शज्तयं के आधार पर करना है । िी्न मुज्त के मसधांत और समपूततण का अभयास करके ्ो ऊिाण्ान तरीके से त्ररत ए्ं रचनातमक तनणणय लेने मं सिम बन सकते हं।
तनतयानंद बाल व्दयालय कायणरम पांच रमुख ममण तत्ं से बना है:संसकृत उचचारण,योग , िी्न समाधान और ्ैददक संसकृतत और िी्न शैली से संबंधधत गततव्धधयं के माधयम से परर्तणन को रभाव्त करने ्ाले कायणशालाओं,िो कक ्ैददक संसकृतत और िी्न शैली से संबंधधत गततव्धधयं के माधयम से ूपांतरण करता है ।व्दयालय का
मतलब "भीतर के स्" या "आंतररक पलल्न से है । यह कायणरम रतयेक बचचे के साथ ही संरिक की भी दयाभा् काअधधकता मं व्कास करने मं मदद करता है।
अमभभा्क रशंशाप् : डॉ्टर सु मम्ा
मेरी पु्ी ्ैण्ी जिसकी आयु नौ ्षण से अधधक है वपछले एक साल से तनतयानंद बाल व्दयालय कायणरम मं िा रही है । मै बहुत खुश हुँ ,तनतयानंद बाल व्दयालय मेरी पु्ी को उसकी
समसयाओं ए्ं अपूणणत् को सामने लाने का एक सुर्ित और व्श्सनीय ्ाता्रण रदान करता है तथा उनके समाधान करने मं मदद करता है । यह मेरे मलए एक ्रदान है की मने ऐसा एक सम ं ूह पाया है ,िो मेरी बेटी के सम् कलयाण के मलए ईमानदारी से रयास करता है।
तनतयानंद बाल व्दयालय मसखाता है की भले ही ्े ककसी भी कदिन जसथतत का सामना कर रहे हं ,उससे कै से पूणणत् करे ,तनभाये, खुश रहं और हलके -फुलके महसुस करं ।्े एक बचचेको िी्न के बारे मं उस भाषा मं समझाते हं जिसे ्े समझ सकं। सारांश यह है की तनतयानंद बाल व्दयालय ने बचचो का सही लालन-पालन आसान बना ददया है ।
यह माता-वपता और बचचं दोनं के मलए एक िीत है।
एनबीपी मशिक रशंशाप् : माँ तनतय रमणी
म वपछले दो साल से तनतयाननद ं बाला व्दयालय मं मशिक हुँ । इस कायणरम मं बचचं को भय, लालच, ईषयाण, तना् और परीिा की धच ंता िैसे घुटन से मु्त होना मसखाया िाता है । उनहं मसखाया िाता है कक ककस तरह आनंद और पूततण के जसतधथ मं रहते हुए िी्न को संचामलत ककया िाये ,समपूततण ,्धा ,जिममेदारी ए्ं समवध के चार ृ शज्तयं का उपयोग ककया िाये तथा पूणणत् की जसतधथ मं रहा िाये । यह सबसे अचछा उपहार और व्रासत है िो आसानी से हम अपने बचचं को दे सकते हं ।माता वपता बचचं को तना्मु्त, खुश तथा अधधक धयान से सुनने ्ाले पाते हं िब एक बार िब बचचे कायणरम मं भाग लेने लगते हं । दतनया के बचचं को प ु ूणणत् और मु्त सोच के व््ान प़ाने के मलए इस अ्त अ्सर देने के मलए ु स्ामीिी को हमारी गहरी कृत्ता है ।िब हम मसखाते हं ,हमं भी उसका अभयास करना चादहए िो हमने मसखाया है । एनबीपी मं प़ाना अपने एनलाइटनमंट (रभोधन) को पाने का सुतनशचयन करना ही है ।
यह कायणरम ककसी सपताह या सपताह के अंत (शतन्ार ,रव््ार ) मं एक से दो घंटे के मलए चार से चौदह ्षण की आयु के बचचो के मलए आयोजित ककया िाता है । आपके इलाके मं तनतयानंद बाल व्दयालय के कंि की िानकारी के मलए कृपया हमं eNVidyalaya@ nithyananda.org मं संपकण करे अथ्ा हमं +91 99165 93002 पर कॉल करं
। http://en-education.nithyananda.org/ en-vidyalaya/