1. Invocation / Preamble
# Guaranteed Solutions - For Lust Fear Worry..._Hindi

निश्चित समाधान यक समोध एवं सरल दक्कियोग िसमे ब्रम अपने मल भाननेगाी को जैसे काल भय विवा ध्यानावर्यनवरुकता, द्वेष और असंतोष, अर्ककार इन्यादि को सम्पद्ध मकें। वह समझ जिम्मले हम इन आधार उन्जाओं को आध्यात्मिक ऊन में परिवर्तित कर अपने जीवन के ऊँचे आवामों को प्राप्त कर माहें। यह वह ज्ञान है, जो हमारे जीवन को सभी स्तरों, शारीरिक, नानसिक एवं आध्यात्मिक पर एर्ग एवं तप्त कर देता है।
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ØeLece mebmkeâjCe 2008 (efnvoer)
Ebook ISBN: 979-8-88572-488-3
ISBN No. 1-60607-047-9 978-1-60607-047-5
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विषय-सूची
| परिसंवाद |
|---|
| भूमिका |
| ध्यानाकर्षण की आकांक्षा का परित्याग र |
| चिंता से मुक्ति |
| परिकल्पनाओं (दिवास्वप्नों) पर विजय |
| भय से मुक्ति |
| ईर्या से मुक्ति |
| अहंकार की निर्जरा 3 14 |
| असंतोष से कृतज्ञता तक |
| आनन्द दर्शन |
| परिशिष्ट |

अध्याय- 1
परिसंवाद
8
मैं प्रेम और आदर सहित आप सबका स्वागत करता हूँ, आप सब यहाँ कुछ न कुछ अपेक्षायें लेकर या आशा लेकर आये हैं, अपने ज्ञान की वृद्धि करने या जीवन का कोई नया आयाम जानने, या शायद यह जानने कि क्या आप अपना जीवन बेहतर तरीके से जी सकते हैं।
इसके पूर्व कि मैं मुख्य विषय पर आऊँ मैं आपको कुछ बातें बताना चाहता हूँ, जिससे आप यहाँ रुकने का अधिकतम लाभ उठा सकें।
आप कई स्थानों पर गये होंगे बहुत से व्याख्यान सुने होंगे और बहुत सी तकनीकों को, यहाँ आने के पूर्व अभ्यास भी किया होगा। यह सब ठीक है, पर एक बात है, जब आप यहाँ हैं तो पूर्णतः यहाँ ही रहें, बस इतना ही।
वह सारा ज्ञान जो यहाँ आने के पूर्व आपने विभिन्न स्थानों से एकत्रित किया है उसे पीछे छोड़ दीजिए। आपने बाहर एक पटल देखा होगा जिसपर लिखा है, "अपने मस्तिष्क और जूतों को बाहर ही छोड़ दें" आपको आश्चर्य हुआ होगा कि इसका क्या अभिप्राय है, इसका अर्थ है, जब आप अपने जूते बाहर निकलाते हैं, मस्तिष्क को भी वहीं छोड़ने का निर्णय ले लें। बस अपने समस्त एकत्रित किए हुए ज्ञान को उन्हीं जूतों के बगल में छोड़ दें और अन्दर आएँ। उसे आप वापस ले जा सकते हैं, जब बाहर जायेंगे, चिंतित मत हों उसके लिए, मस्तिष्क कोई नहीं ले जायेगा वह पूर्णतः सुरक्षित है।
हो सकता है आपके जूते लोग ले जाएँ मगर आपका मस्तिष्क लोग छुयेंगे भी नहीं। मैं आपको इस बात के लिए निश्चिन्त करता हूँ। लोग अपना ही मस्तिष्क
अध्याय 1