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17. माता-पिता अपने शिशु के जन्म चमत्कारो बखान करते ं है

# माता-पिता अपने शिशु के जन्म चमत्कारो बखान करते ं है

परमहंस श्री नित्यानंद स्वामी जी की कृ पा से और एन प्रेग्नेन्सी कै यर कार्यक्रम से सम्पूर्ण गर्भावस्था व प्रसूति एक आनंदमय अनुभव था। गर्भावस्था में बहुधा होने वाली असुविधाएं सुबह उलटी, थकान, भय अनुभव नही हुए। इस का ं र्यक्रम की एक बात बहुत रोचक लगी - मेरे सोने के पहले वैदिक कहानिया सुनाकर , पिता इसमें जल्द जुड़ सके । इससे मुझे उन गहन सत्यों का त्यों मानस दर्शन करके दैवीय आत्मा को आकर्षित करने में सहायता मिली । प्रसव के समय और उसके बाद भी, महामं त्र ध्यान का सं गीत बजाया गया।

उपचारिकाओ को भी ं क्रिया की सहजता पर आश्चर्यथा। बेटी का जन्मप्राकृतिक क्रिया से, कम प्रसूति पीड़ा में हुआ। प्रसूति के दोनो चरण स ं क्रिय एवं अव्यक्त केवल 2-3 घं टे ही रहे। प्रसव के समय मैंने, न तो "ऐपीड्रल" न यू दर्द काम करने की औषधि ली। वह बहुत शांत और सं तुष्ट ह.ै प्रथम दिवस से ही उसके दोनों हाथ चिन मुद्रा में रहते हैं। उसके नेत्र तीव्र और अवलोकनीय हैं। कोई भी वस्तुजीवन में गुरु के होने के सम कक्ष नहींहै। गुरु सब कु छ सं भव कर सकते हैं

  • अनुराधा राजशेखरन, रमन विश्वनाथन के साथ सन प्रेयरी विस्कॉन्सिन

यह छोटा बच्चा अधिकतर शांत रहता है। ये सदैव मुस्कुराता रहता है और सबको को अच्छी मनोदशा में रखता है। यह सारा दिन प्रसन्न रहता है इस तरह से खेलते हुए और बात-चीत करते हुए । हमने देखा है कि यह ध्यान से सुनता और समझता है, सम्भवतः अपनीआयु के अनुसारअधिक ही समझता है । एन प्रेग्नेन्सी कै यर ने हमको सम्बन्धों और सं तान पालन का सकारात्मक पक्ष म्बन्धों दिखलाया । इसने हमें अधिक उत्तरदायी दम्पति और माता-पिता बनाया। स्वामी जी को धन्यवाद, इस अद्भुत का द्भु र्यक्रम के द्वारा हमें आशीर्वाद देने के लिए ।

  • नंदिनी विश्वनाथ, श्रीनाथ अवधनाम, बैंगलोर भारत