51. गुु के स्थ अ्ैत की अनुभूवत
# गुु के स्थ अ्ैत की अनुभूवत
िून और िुलाई 2014: 19 ददनं मं 104 से अधधक सथानं पर भंट!
परमहंस तनतयानंद िी ने भारत के कई सथानं पर दशणन ददए, िहाँ उनहंने अपने भ्तं तक पहुँच कर उनहं अद्ैततक अनुभ् रदान ककया |

















योग, धयान, आधयाजतमक मागणदशणन कंि तथा मशव्र जिनसे १०० से भी अधधक देशं मं करोिं लोग लाभाजन्त हुए हं।
९००० से अधधक दी्ित आधयाजतमक उपचारक, जिनहंने व्श् भर मं हिारं लोगं का उपचार ककया है।
१००० से अधधक दी्ित आचायण िो हिारं का मागणदशणन करते है योग, धयान, आधयाजतमक व््ान ् िी्न समाधान से।
लाइ् ऑनलाइन रातः तनतय सतसंग परमहंस तनतयानंद िी द्ारा लाइ् स्ीमम ंग ् व्डडयो कॉन्ंमस ंग के माधयम से, जिसे रततददन हिारं सथानं पर 30 से भी अधधक देशो मं देखा िाता है।
अननदान - हर ददन १०००० लोगं को तनःशुलक भोिन कराया िाता है आ्म, व्दयालय, धचककतसा मशव्र मं और ज़ूरतमंद लोगं को भी।
सापतादहक धचककतसा मशव्र िो रदान करता है परंपरागत और ्ैकजलपक धचककतसा देखभाल रणामलयं द्ारा उपचार - दनत धचककतसा, ने्ं की शलय धचककतसा, कृब्म अंग लगाना इतयादद - इसमं तनःशुलक परामशण, द्ाई ् आगे की िांच अथ्ा धचककतसा सजमममलत है।
व्श् भर मं १२ से भी अधधक ्ैददक मंददर और आ्म िहाँ हिारं राण-रततजषित दैव्क िी्मूततण हं, जिनमे से कुछ व्श् की सबसे ऊं ची मूततणयं मं से भी हं।
व्दयालय तथा कारागारं मं तनःशुलक करया और धयान कायणरम।
तनतयानंद ल्मी, एक लाभहीन लघु व्तत-वय्सथा योिना है ्ामीण उदयममयं के मलए तनतयानंद ्ाम से्ा योिना | तनतयानंद व्दयालय िहाँ है ्ैददक मशिा रणाली और आधुतनक व्दया का सजमम्ण ्ामीण िे्ं के व्दयालयं के मलए सहायता - व्दयालय ्स्, पुसतकं, लेखन-साम्ी ए्ं भूममकाूप वय्सथा।


परमहंस तनतयानंद िी की ्ान व्दयाओं की ३००से अधधक पुसतकं 20 भाषाओं से अधधक मं रकामशत है।
तनतयानंदिी की 2000 से अधधक र्चनं की तन:शुलक उपलज्ध www.YouTube.com/lifeblissfoundation पर िो 160 लाख ृशयं को पार कर चुका है।
२५० ई-पुसतकं ए्ं धयान तकनीकं और समाधान िो ऑनलाइन तन:शुलक उपल्ध है
तनतयानंद व्श्व्दयालय रदान करता है धयान, आधयाजतमक व््ानं ् िी्न कौशल मं मशिा कायणरम िो सथावपत हो रहा है व्श्भर मं।
रहसयमय योग व््ान पर अ्द उननतत के अन ु ुसंधान िैसे कुणडमलनी िागरण, उततोलन, पाररकटन ए्ं यौधगक कायाकलप।
तनतयानंद संरदाय - सैकिं आकांिी व्मभनन धमं और िी्नशैलीयं के सघन आधयाजतमक रमशिण ए्ं संनयास रापत करते है।
आनंद योगम - तन:शुलक एक-्षी तन्ासीय कायणरम 18- 35 आयु के यु्ाओं हेतु, िो वया्सातयक और आधयाजतमक रमशिण रदान करता है उतकृषटता और वयज्तगत व्कास के मलए।
एक गततशील स्यंसे्क बल, सैकिं से अधधक पूणणकामलक तन्ासी स्यंसे्क के सदहत, िो से्ाय रदान करते ं है िैसे की आपदा राहत, सलाहसे्ा, यु्ाओं ् मदहलाओं के सशज्तकरण के पहल। ्
तनतय करया ् समयम - 108 रामाणणक यौधगक समाधान, शारीररक ए्ं मानमसक व्कारं हेतु।
सम् िी्नशैली सहायक - भज्त संगीत, ऊिाणपूणण आभूषण, पव्् कला ् ददवय मूततणकला, और राकृततक मसध औषधधयां इतयादद।
