41. तनतय करया
# तनतय करया
सददयं से भारत मं करोिं लोग रोगं से मुज्त पाने हेतु व्व्ध करयाओं का अभयास करते आये हं, परनतु इनकी रभा्शाली उपचारी शज्त पर पजशचमी देशं मं कोई धयान नहीं ददया है।
परमहंस तनतयानंद िी ने शारीररक ए्ं मानमसक व्कारं के मलए १०८ रभा्शाली उपचारी तकनीकं अथाणत तनतय करया रदान की हं। तनतय करया मं एक व्मशषट रम मं योग, धयान तथा राणायाम की पधतत होती हं िो ककसी व्शेष बीमारी का उपचार करती हं और उससे बचने मं मदद करती हं। यह सारी व्श्सनीय योधगक करयाएं हमारी (www.nithyananda.org/nithya-kriyas) पर तनःशुलक उपल्ध हं।
परमहंस तनतयानंद िी का कथन है की उनकी यह देन स्ासथय ए्ं धचकतसा रणाली मं रांततकारी परर्तणन लाने की संभा्ना रखती है। यही नहीं, इससे पहले करयाओं को अलग अलग रोगं के मलए व्शेष ूप से इस तरह सू्बध नहीं ककया गया था। हर करया मं संपूणण अनुदेश हं, यह िीक से मसखाया गया है की उसको कै से करना है, हर रम को दशाणने के मलए धच् और चलधच् (videos) हं, जिससे कक हर वयज्त आरोगय और स्ासथय पाने मं सिम हो िाये।
परमहंस तनतयानंद िी ने बालपन से मसध योधगयं से रमशिण रापत ककया है, और ्े िन साधारण से गुपत रखे गए राचीन योधगक व््ान मं पारंगत हं और उसे पुनिीव्त कर रहे हं। योग के पव्् शास् िैसे "पतांिमल योग सू्" और योग के मूलभूत आधार समझे िाने ्ाले तीन ्ंथं से ही तनतय करया की संरचना की गयी है। राचीन ्ैददक मशिा को आधार बना कर, हर रोग के मलए कुछ व्मशषट आसनं और राणायाम को संयोजित कर हर करया की सरंचना हुई है।
हर करया को इस रकार बनाया गया है की ्ो न के ्ल शरीर को रोग से मुज्त ददलाती है, बजलक रोग के मूल कारण को ही ममटा देती है, जिससे की ्ह रोग कभी दबारा ु न हो पाए। उदाहरण के मलए, मधुमेह (Diabetes) से ्मसत होने के तीन कारण होते हं:
बबना भोिन पर धयान ददए खाना
ऐसा भोिन खाना िो स्ासथय के मलए हातनकारक है भोिन ्हण करते समय की मनोजसथतत, और भोिन करने का तरीका
तनतय करया इन कारणं पर भी रभा् करती है।