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31. "इनर अ्ेकतन ंग" के बाद का िी्न

# "इनर अ्ेकतन ंग" के बाद का िी्न

रततभागी अपने आधयाजतमक अभयास को कै से आगे ब़ाकर एक दसरे को अद्ैत िी्न िीने के मलए मदद कर सकते ह ू ं।

रततभागी अपने आधयाजतमक अभयास को कै से आगे ब़ा सकते हं और एक दसरे को ू अद्ैत िी्न िीने के मलए मदद कर सकते हं।

अब तनतयानंद संघ इनर अ्ेकतन ंग कायणकमण के सनातकं को तनरंतर मशिा कायणकमण देता हं, जिसक नाम "मलव् ंग अद्ैता रकरया" हं। यह एक ३ महीने का ऑनलाइन कायणरम हं िो सपताह के अंत मं आणखरी २ ददन होता हं। इसमं किाएं स्यं परमहंस तनतयानंद िी द्ारा ली िाती हं। होम्कण के ूप मं कायण सौपा ददया िाता ताकक मसधांतं को और भी गहरायीं से मनन ककया िा सकं। पहला बैच १६ अगसत २०१४ को शुू हुआ और न्ंबर के मधय तक चला। अभी तक य सारे इनर अ्ेकतन ंग ं सनातकं के मलए शुलकमु्त चला हं। इसको १००० इनर अ्ेकतन ंग सनातकं से भारी मा् मं रततकरया ममली हं जिनहंने २२ देशं से इसमं दहससा मलया हं। तनतयानंद संघ का दहससा बने !

हरेक ्ीमहंत, महंत, कोिारी, थानेदार तनतयानंद संग का अमूलय दहससा हं। और संगदित समुदाय हं, जिसमे हर कोई एक उसरे को अद्ैत सतय (आतम्ान) को िीने के मागण मं आगं ब़ने मं मदद करते हं। ्ीमहंत, महंत, कोिारी, थानेदार की उपाधध महातन्ाणणी अखाडा के द्ारा संघ मं व्मभनन सतर की जिममेदारी तनयु्त करनेके मलए रयोग होती हं। अपने आधयाजतमक व्सतार और पूणणत् के मलए संघ की जिममेदारी लेना एक रबल तरीका हं। तनतयानंद संग एकमा् ऐसा व्श्ीय आधयाजतमक परर्ार हं िहाँ पर दसरं को सम ू ध करना ही ृ िी्न है और दसरं के मलए िीना ही एकमा् ू आधयाजतमक मसधांत ! हमहे SMKT संरचना अद्ैत सतय के अनतराकाश को िीने और रकामशत करने के मलए सभी संभा्नाओं को रदान करती हं। हमारा संग २२ देशं , ३४७ िगहं मं फै ला हुआ हं। अमेररका मं हमारा संघ २० राजयं मं हं।