30. तनषकषण:
# तनषकषण
शरीर की अमरता रहमांड की योिना मं नहीं है । हालांकक हमारे राचीन शास्ं के आधार पर , उधचत रकरयाओं के माधयम से , अचछे स्ासथय और कफटनेस के साथ एक वयज्त के िी्न मं ्वध करन अ्शय ही ृ संभ् है।
शरीर की अमरता रहमांड की योिना मं नहीं है । हालांकक हमारे राचीन शास्ं के आधार पर , उधचत रकरयाओं के माधयम से , अचछे स्ासथय और कफटनेस के साथ एक वयज्त के िी्न मं ्वध करन अ्शय ही ृ संभ् है।