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आपके प्रश्नों का समाधान
SPH Nithyananda Paramashivam
KAILASA's Nithyananda Hindu University
1 Chapter8 SectionsISBN 979-8-88572-048-9
एक गुरू अपने शिष्य के साथ एक गांव से दूसरे गांव जा रहे थे। गांवों के सीमा पर एक छिछली जल धारा बह रही थी, जिसे गांव वाले सामान्यतः पैदल चल कर ही पार कर लेते। इस बार, उन्होंने पाया कि भारी बारिश की वजह से, जलधारा उफनकर छोटी नदी में परिवर्तित हो गई है, जो चल कर पार करने के लिए ज्यादा गहरी है। शिष्य भयभीत हुआ, और गुरु से पूछा, 'गुरूजी, क्या हमें नदी पार करने का प्रयास करना चाहिए?' गुरूजी आंखों में चमक लिए हुए मुस्कुराए और बोले, 'तुम्हें नदी अवश्य ही पार करना चाहिए, मेरे बच्चे। परंतु इतना याद रखना तु